महंगाई क्‍यों बढ़ रही है अगर जानना चाहते हैं तो रुकिए ? (अविनाश वाचस्‍पति)

दैनिक नवभारत टाइम्‍स ने 16 मार्च 2010 के अंक में सचित्र समाचार के जरिए खोली है पोल, आप भी देखिए महंगाई क्‍यों बढ़ रही है खौल खौल


स से सरकार
स से साईकिल
और
स से ही संभालना
संभाला कुछ नहीं जा रहा
पर हौंसले बुलंद हैं
वोटर भी इनकी मस्‍ती में
जाने क्‍यों रजामंद है ?

आप समझ रहे हैं
क्‍यों महंगाई बढ़ रही है
महंगाई की साइकिल तो
तेजी से दौड़ रही है
और सरकार की
चल भी नहीं पा रही है।

3 comments:

Udan Tashtari said...

बहुत सही विश्लेषण!!

M VERMA said...

कौन कहता है सरकार चल नही रही है
सरक कर चल रही है चल तो रही है

विनोद कुमार पांडेय said...

जनता को संभालने निकले थे..खुद ही गिर पड़े ऐसे है हमारे देश के राजनीतिज्ञ....

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