बस्‍ते, बस्तियां और हस्‍तियां

बस्तियों में बस्‍ते
बस्‍तों में बसतीं पुस्‍तकें
बस्‍तों में हैं बस्तियां भी
इन बस्तियों में से
पढ़-लिख बनती हैं हस्तियां।

पानी में जो चलती थीं
अब नहीं मिलतीं वो कस्तियां
बस्‍ती में किश्तियां
किश्तियों में बस्‍ती
बस्‍ती में बस्‍ते
बस्‍ते कंधों पर
कंधे नन्‍हे-नन्‍हे।

बस्‍ती में किश्‍ती की कहानी
किश्‍ती के नीचे बहता पानी
पानी जो ऊपर आ गया तो
समझ लो खत्‍म होगी जिंदगानी।

बस्‍ती में किश्‍ती
किश्‍ती में पानी
बस्‍ता पानी में
किस्‍सा बस्‍ते का
किस्‍सा पानी का
पढ़े कौन इसे
रहे वो बेपानी।

किस्‍सा सारा गया
पानी में।
 
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