मन चाहे
नेता बनूं
तन कर चलूं
मिले चाहे गालियां
बजाएं सब तालियां
जरूरी नहीं
कुकर्मों को मिलेंगी
मिलनी चाहिएं
चटनी पिसनी चाहिए
बनायें मुझे नेता
नेता यानी लीडर
लीडर सदा निडर
नेता बनूं
तन कर चलूं
मिले चाहे गालियां
बजाएं सब तालियां
जरूरी नहीं
कुकर्मों को मिलेंगी
मिलनी चाहिएं
चटनी पिसनी चाहिए
बनायें मुझे नेता
नेता यानी लीडर
लीडर सदा निडर

8 comments:
इन सबके लिए राजनीति में जाने की ज़रूरत तो नहीं ही लगती :)
फिलहाल भी तो हो नेता,
ब्लॉगरी के अभिनेता,
ऊपर वाला एक हाथ से देता
सौ हाथों से लेता नेता !
ऐसे में बनना है नेता,
राम-राम मैं भी कर लेता !!
निडर लीडर, वाह वाह।
badi kathin hai dagar neta ki .
बहुत सुन्दर
अद्भुत अभिलाषा है ! चटनी पिसवाने के लिये नेता क्यों बनना चाहते हैं ! हाथ में जागृति की मशाल थामिये !
निडर लीडर या है या लीडर निडर है !
बहुत सुंदर
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विचारों का खुल गया ताला
स्वीकारता सब सच तेताला