दोस्तों
आज बहुत दिनों बाद थोड़ी फुर्सत मिली और कुछ मन को भी बदलाव की जरूरत थी तो सोचा क्यूँ न आज चर्चा लगायी जाये .........एक नयी ऊर्जा का संचार हो सके और आप सबको भी नए पुराने लिंक्स से रु-ब-रु कराया जाए ..........साथ ही कहीं आप हमें भूल ही ना जाएँ इसलिए चर्चा लगाकर आपको याद दिलाया जाये कि हम हैं वहीँ हम थे जहाँ........हा हा हा .........तो चलिए शुरुआत की जाए आपके मनपसन्द लिंक्स से ..........
कृष्ण लीला ……भाग २७.........अब तो आ जाओ कन्हाई
खग्रास चन्द्र ग्रहण के दुष्प्रभावों केसे करें दूर??? क्या करें
उपाय/टोटके ????.....बताइए क्या किया जाए ?
नकाबपोश रातें..Midnight सोलितुदे.........जैसे किसी गर्त में
डूबी आहें
चलिए दोस्तों आज के लिए इतना ही.......फिर मिलेंगे इसी तरह

21 comments:
बहुत सुन्दर प्रस्तुति
bahut khoob
फुरसत मिलते ही फिर इतनी व्यस्तता। ब्लॉगिंग जो न कराए!
बहुत ही अच्छे लिंक्स ...आभार ।
sundar prstuti mere blog ka link dene ke liye aabhar ...
aabhar meri rchna ko yha drshane ke lye : #sujit
अच्छे लिंक्स ...आभार ।
बहुत दिन बाद सही पर बड़े ही रोचक सूत्र।
सभी लिंक्स अच्छे हैं मेरी कविता को लिंक करने के लिए आभारी हूँ...............
vandna ji -bahut achchhi charcha prastut ki hai aapne .sabhi links bahut achchhe diye hain .aabhar
बहुत बहुत धन्यवाद वन्दना जी।
सुन्दर प्रस्तुति के साथ बढ़िया लिंकस भी | मेरी पोस्ट को स्थान देने के लिए धन्यवाद |
टिप्स हिंदी में
वंदना ...बहुत बहुत शुक्रिया !!मेरी रचना को शामिल करने के लिए.नयी रचनाएँ पढवाने के लिए आभार!!
अच्छा किया, बदलाव सकून देता है।
मेरी रचना पसंद करने और तेताला में एक जगह देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया.... ! सुन्दर प्रस्तुति के साथ परिचय बढाने का माध्यम भी.... !!
शुक्रिया वन्दना जी । अब एक एक करके सारी लिंक्स पढूँगी ।
behtreen link...
श्रेष्ठ लिंकों का संचय।
sunder posts ka sangrah.badhayi.
सुन्दर चर्चा ||
http://gaharvar.blogspot.com/2011/12/1.html
like it
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विचारों का खुल गया ताला
स्वीकारता सब सच तेताला