हम हैं वहीँ हम थे जहाँ


दोस्तों

आज बहुत दिनों बाद थोड़ी फुर्सत मिली और कुछ मन को भी बदलाव की जरूरत थी तो सोचा क्यूँ न आज चर्चा लगायी जाये .........एक नयी ऊर्जा का संचार हो सके और आप सबको भी नए पुराने लिंक्स से रु-ब-रु कराया जाए ..........साथ ही कहीं आप हमें भूल ही ना जाएँ इसलिए चर्चा लगाकर आपको याद दिलाया जाये कि हम हैं वहीँ हम थे जहाँ........हा हा हा .........तो चलिए शुरुआत की जाए आपके मनपसन्द लिंक्स से ..........

कृष्ण लीला ……भाग २७.........अब तो आ जाओ कन्हाई 



आँख को नम कर लेना । (गीत)..........कुछ तो गम कम कर लेना 




सो न सका........देख तेरी याद में सो न सका 




बसंत में पतझड़.........ऐसा कहीं देखा है ?




बेहद खुश ........आज फिर जीने की तमन्ना है 





परिणत.........कौन किस में ?




राकेश भ्रमर की कहानी - अंधी गुफा.......जिसका कोई छोर नहीं 




बाज आओ...........वर्ना क्या होगा ?




सहजि सहजि गुन रमैं : फरीद खाँ...........ज्यों गागर में सागर 


कोई भरे 




मन की किरचें............क्या तुम्हें भी चुभती हैं ?




“ इन्द्रधनुष पर बादल... !!! “..........रंगों की जैसे गागर 




राह चलते..........कोई मिल गया था 




चलिए आज कुछ दर्द की बात हो जाए -"एक साया"........एक साये


 से मुलाकात हो जाये 




कोई..!!.......कौन है वो?




पियक्कड..........कब बदले हैं ?




"यूँ दबे पाँव"...........आप यूं फसलों से गुजरते रहे दिल पे क़दमों


 की आवाज़ आती रही 




आज जब वो नहीं है तो उनकी बात का फ़साना 


निकला.......चलो इसी बहाने कुछ मंजर सुहाना निकला 




असमंजसों से घिरे समाज का ठंडा बस्ता........ज़रा खोलकर 


तो देखिये 




नकाबपोश रातें..Midnight सोलितुदे.........जैसे किसी गर्त में 


डूबी आहें 




चलिए दोस्तों आज के लिए इतना ही.......फिर मिलेंगे इसी तरह 


21 comments:

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति

डा.राजेंद्र तेला"निरंतर" Dr.Rajendra Tela,Nirantar" said...

bahut khoob

कुमार राधारमण said...

फुरसत मिलते ही फिर इतनी व्यस्तता। ब्लॉगिंग जो न कराए!

सदा said...

बहुत ही अच्‍छे लिंक्‍स ...आभार ।

Dr.Bhawna said...

sundar prstuti mere blog ka link dene ke liye aabhar ...

Sujit Kumar Lucky said...

aabhar meri rchna ko yha drshane ke lye : #sujit

मनोज पटेल said...

अच्‍छे लिंक्‍स ...आभार ।

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत दिन बाद सही पर बड़े ही रोचक सूत्र।

ANJU SHARMA said...

सभी लिंक्स अच्छे हैं मेरी कविता को लिंक करने के लिए आभारी हूँ...............

शिखा कौशिक said...

vandna ji -bahut achchhi charcha prastut ki hai aapne .sabhi links bahut achchhe diye hain .aabhar

Farid Khan said...

बहुत बहुत धन्यवाद वन्दना जी।

Vaneet Nagpal said...

सुन्दर प्रस्तुति के साथ बढ़िया लिंकस भी | मेरी पोस्ट को स्थान देने के लिए धन्यवाद |
टिप्स हिंदी में

Dr.Nidhi Tandon said...

वंदना ...बहुत बहुत शुक्रिया !!मेरी रचना को शामिल करने के लिए.नयी रचनाएँ पढवाने के लिए आभार!!

गगन शर्मा, कुछ अलग सा said...

अच्छा किया, बदलाव सकून देता है।

Vibha Rani Shrivastava said...

मेरी रचना पसंद करने और तेताला में एक जगह देने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया.... ! सुन्दर प्रस्तुति के साथ परिचय बढाने का माध्यम भी.... !!

गिरिजा कुलश्रेष्ठ said...

शुक्रिया वन्दना जी । अब एक एक करके सारी लिंक्स पढूँगी ।

सागर said...

behtreen link...

मनोज कुमार said...

श्रेष्ठ लिंकों का संचय।

अनामिका की सदायें ...... said...

sunder posts ka sangrah.badhayi.

रविकर said...

सुन्दर चर्चा ||

मनोज कुमार सिंह said...

http://gaharvar.blogspot.com/2011/12/1.html
like it

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