हिन्दी ब्लॉगिंग पर एक नई पुस्तक के प्रकाशन की योजना
ब्लॉंगिंग की दुनिया और उसके विषय में उठने वाले प्रश्नों पर पिछले कुछ समय से भारतवर्ष में अनेक संगोष्ठियों का आयोजन किया गया है। इतना ही नहीं इस विषय पर अब तक तीन उपयोगी पुस्तकों के प्रकाशन के बावजूद भी ऐसे अनेक अनछुए पहलू रह गए हैं जिन पर आज विमर्श की आवश्यकता है।
अभिव्यक्ति के इस नए शक्तिशाली और चर्चित माध्यम के ऐसे अनछुए पहलुओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े बिंदुओं पर विमर्श के लिए जल्दी ही अविनाश वाचस्पति और डॉ. हरीश अरोड़ा के संपादन में एक पुस्तक के प्रकाशन की योजना है। जिससे ब्लॉगिंग में तकनीकी भाषायी, विषयगत और सामाजिक आदि तमाम पहलुओं पर आपकी विचारणा और गंभीर चिंतन का स्वागत है। ब्लॉगिग और उससे सम्बद्ध प्रत्येक विषय पर आप अपने जानकारीपूर्ण लेख हमें निम्नलिखित ई मेल पतों पर भेज सकते हैं :-
hindibloggar@gmail.com
drharisharora@gmail.com
dr_harisharora@yahoo.com
ब्लॉंगिंग की दुनिया और उसके विषय में उठने वाले प्रश्नों पर पिछले कुछ समय से भारतवर्ष में अनेक संगोष्ठियों का आयोजन किया गया है। इतना ही नहीं इस विषय पर अब तक तीन उपयोगी पुस्तकों के प्रकाशन के बावजूद भी ऐसे अनेक अनछुए पहलू रह गए हैं जिन पर आज विमर्श की आवश्यकता है।
अभिव्यक्ति के इस नए शक्तिशाली और चर्चित माध्यम के ऐसे अनछुए पहलुओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े बिंदुओं पर विमर्श के लिए जल्दी ही अविनाश वाचस्पति और डॉ. हरीश अरोड़ा के संपादन में एक पुस्तक के प्रकाशन की योजना है। जिससे ब्लॉगिंग में तकनीकी भाषायी, विषयगत और सामाजिक आदि तमाम पहलुओं पर आपकी विचारणा और गंभीर चिंतन का स्वागत है। ब्लॉगिग और उससे सम्बद्ध प्रत्येक विषय पर आप अपने जानकारीपूर्ण लेख हमें निम्नलिखित ई मेल पतों पर भेज सकते हैं :-
hindibloggar@gmail.com
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10 comments:
अच्छी योजना है,
जरूर कीजिए
योजना उत्तम है.. अग्रिम बधाई.... !!
बहुत बढिया योजना है………अगर बन सका तो जरूर भेजेंगे आलेख्।
तीनों टिप्पणीकारों को लेख भेजना अनिवार्य है। और वंदना जी बन सका नहीं, बनाना है, आप विषय जो चुनना चाहें, यह आपकी इच्छा है। पर आपने एक नया लेख भेजना है, जो पिछले का दोहराव भी न हो, यह अनिवार्यता है।
महेन्द्र श्रीवास्तव जी और विभारानी श्रीवास्तव जी भी अपना विषय उपर्युक्त ईमेल पर अवश्य भेजकर विषय तय कर लीजिए। कोई बहाना नहीं चलेगा। कलम चलनी चाहिए और चलानी आपको है।
मुझसे आचार संहिता पर कोंच कोंच के एक लेख जरुर ले लीजियेगा -कोंचने की कला में रवीन्द्र जी माहिर हैं ..उन्हें बस यह टिप्पणी दिखा दीजियेगा ...
मेरे योगदान से आपका कुछ नहीं जाता ..लेख भी देता हूँ और किताब भी रोकड़ा देकर खरीद लेता हूँ -आपके लिए तो न हल्दी न फिटकरी रंग फिर भी चोखा :)
क्या स्वास्थ्य सम्बन्धी लेख भी भेज सकते हैं ?
बधाई...
जरूर कार्य प्रगति पर है :):)
बहुत बडिया। शुभकामनायें।
come here from Malaysia =)
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विचारों का खुल गया ताला
स्वीकारता सब सच तेताला