"हर क्षेत्र में" महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिया जाता है, कोई शक?

कुछ दिनों पहले एक पोस्ट डाली थी, जिसमें एक 'सज्जन' द्वारा प्लेन की महिला पायलट होने के कारण सफर से इंकार कर दिए जाने की खबर थी। काफी लानत-मलानत भी हुई थी उस यात्री की। पर आज की एक और चौंका देने वाली खबर ने तो बहुतों के होश उड़ा कर रख दिए होंगे और वे भी ऐसी पायलट वाली उड़ान से तौबा करने की सोचने लगे होंगे, जब उन्हें पता चला होगा कि एक महिला फर्जी अंकशीट लेकर हवाई नौकरी कर रही थी। पता नहीं कबसे सैंकड़ों लोगों की जान को दांव पर लगा कर। एक उसकी ही हमपेशा फरार है।
तो क्या उस यात्रा ना करने वाले महाशय को पता था इन कारस्तानियों का ? :-)
क्या अब भी किसी को शक है कि हमारे देश में महिलाओं को बराबर का दर्जा नहीं दिया जाता या वे "किसी भी क्षेत्र में" में पुरुषों से कमतर हैं।
 
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