ताज़ा लिंक्स पढिये आज तेताला पर
यही तो उसका काम है
आनन्द मे रहते है
बिल्कुल सही कहा
इससे बढकर और क्या होगा
ये ही तो पता नही चलता
शाश्वत सत्य
और अक्ल का क्या हुआ?
जरूर सुनाना चाहिये
कोई तो आवाज़ बुलन्द कर
सब चाबी के खिलौने ही हैं
जैसे कोई हवा गुजरी हो
बताइये जी
बताइये क्या है धर्म
कुछ भी कह लो
पता नही
ये मन ऐसा ही है
क्यों?
इसमे क्या शक है
तो हो गया आज का भ्रमण्……फिर मिलेंगे