कुछ खास चिट्ठे आपकी नज़र कर रही हूँ उम्मीद है आपकी उम्मीदों पर खरे उतरेंगे
सही कहा
अनमोल मोती
खुद बोलती हैं
और क्या चाहिए फिर
वक्त लगता है गर्माने में
इनके भी अर्थ होते हैं
एक दर्द बह गया
तो और क्या चाहिए
जानिए क्या हुआ वहां
कब मिटते हैं
शत शत नमन
इसमें क्या शक है
जय हो
तो फिर कौन
उसकी भी अजब कहानी
मेरे ख्याल से आज के लिए इतने लिंक्स काफी होंगे ........फिर जैसे ही वक्त मिलेगा
फिर हाजिर हो जाउंगी